जियो ने बढ़ाया टैरिफ, वोडाफोन आइडिया, एयरटेल भी तैयार, जानें कितना महंगा हो जाएगा आपका प्लान

जियो ने बढ़ाया टैरिफ, वोडाफोन आइडिया, एयरटेल भी तैयार, जानें कितना महंगा हो जाएगा आपका प्लान

क्रेडिट सुइस ने एक नोट में कहा, 'जियो की संभावित 15% वृद्धि और दूसरे नेटवर्क पर कॉल के लिए 15% की हो चुकी वृद्धि के मद्देनजर एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए टैरिफ में औसतन 30% के इजाफे की गुंजाइश बन गई 





  • एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के पास टैरिफ में 30% तक की वृद्धि करने की गुंजाइश

  • रिलायंस जियो ने दूसरी कंपनियों पर कॉल करने पर 15% का चार्ज वसूलना शुरू किया

  • बुधवार को सरकार ने इंडस्टी को स्पेक्ट्रम पेमेंट पर दो साल की छूट देने का ऐलान किया



कल्याण पर्बत, कोलकाता
टेलिकॉम इंडस्ट्री मेंरिलायंस जियो के आने के बाद से बेहद सस्ते प्लान का आनंद ले रहे मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स को अब अपनी जेबें थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेंगी। जियो ने दूसरी कंपनियों पर आउटगोइंग कॉल पर चार्ज लगाकर दाम बढ़ाने की जो प्रक्रिया शुरू की तो प्राइस वॉर से बेहाल एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इसे मौका मानकर दिसंबर से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इस ऐलान के बाद जियो ने कहा कि वह फिर से अपने प्लान महंगा करेगा, लेकिन धीरे-धीरे।
नुकसान की भरपाई पर नजर
अगर रिलायंस जियो अगले कुछ हफ्ते में टैरिफ बढ़ाती है तो भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के पास भी 30% तक की बढ़ोतरी करने की गुंजाइश होगी। विश्लेषकों का कहना है कि ये दोनों कंपनियां अगले तीन महीनों में यह बढ़ोतरी लागू कर सकती है। उनका मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो टेलिकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर से नुकसान झेल चुकी कंपनियों को भरपाई करने का मौका मिल जाएगा।
पढ़ें: सरकार ने जियो, वोडा, एयरटेल को दी ₹42 हजार करोड़ की राहत
'30% तक वृद्धि की गुंजाइश'
क्रेडिट सुइस ने एक नोट में कहा, 'जियो की संभावित 15% वृद्धि और दूसरे नेटवर्क पर कॉल के लिए 15% की हो चुकी वृद्धि के मद्देनजर एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए टैरिफ में औसतन 30% के इजाफे की गुंजाइश बन गई है।' हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि मुकेश अंबानी की जियो दूसरे दौर की वृद्धि को लेकर बेहद सतर्कता बरतेगी क्योंकि उसे पता है कि जब से उसने दूसरी कंपनियों पर आउटगोइंग कॉल के लिए चार्ज करना शुरू किया तब से पुरानी टेलिकॉम कंपनियों और उसके बीच का प्राइस गैप घटकर बहुत कम रह गया है।
जियो भी बढ़ाएगा टैरिफ
तीन साल पहले आश्चर्यजनक रूप से सस्ते प्लान के साथ आई रिलायंस जियो ने मंगलवार को कहा कि वह रेग्युलेटर ट्राइ के निर्देश पर टैरिफ में इस तरह वृद्धि करने को तैयार है जिससे इंटरनेट डेटा की खपत और डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। सोमवार को वोडाफोन और एयरटेल ने अगले महीने से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था।
इंडस्ट्री में लौटेगी जान?
जेफ्रीज ने एक रिपोर्ट में कहा, 'प्राइसिंग पर जियो के साथ बातचीत के बाद ट्राई के कंसल्टेशन पेपर को देखना महत्वपूर्ण होगा।' रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों टेलिकॉम कंपनियों की टैरिफ में वृद्धि की योजना सेक्टर की वित्तीय सेहत के लिए तभी फायदेमंद हो सकती है जब यह वृद्धि कम-से-कम 20% की हो और कंपनियों को सरकार की तरफ से भी कुछ राहत मिल जाए।
प्राइस वॉर से प्राइस रिकवरी पर
सिटी रिसर्च ने कहा कि जियो का कदम सेक्टर की आर्थिक मजबूती के लिहाज से एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। इसने कहा कि जियो के कदम से प्राइस वॉर के कारण सेक्टर को हुए नुकसान की भरपाई करने की शुरुआत होगी। सिटी रिसर्च ने भी माना है कि नुकसान की कितनी भरपाई हो पाएगी, यह वृद्धि के दायरे और सरकारी राहत पर निर्भर करेगी।
55% तक ARPU बढ़ने का अनुमान
क्रेडिट सुइस का आकलन है कि एयरटेल और वोडा आइडिया का प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) 2022 तक 55% बढ़कर क्रमशः 198 रुपये और 166 रुपये हो जाएगा। इस मार्केट रिसर्च कंपनी का कहना है कि सरकार की नजर टेलिकॉम सेक्टर की वित्तीय सेहत सुधारने पर है और इस प्रयास में जियो भी भागीदारी निभाने को तैयार दिखती है। एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने सितंबर तिमाही में क्रमशः 128 रुपये और 107 रुपये का ARPU घोषित किया था।
टेलिकॉम इंडस्ट्री पर 7 लाख करोड़ कर्ज
मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि एयरटेल और वोडाफोन ने जब कहा कि टेलिकॉम इंडस्ट्री अपेक्षा से ज्यादा तेज गति से आत्मसुधार करेगी तो जियो ने भी टैरिफ बढ़ाने का मन बना चुकी है। पुरानी टेलिकॉम कंपनियां लगातार कह रही हैं कि 7 लाख करोड़ रुपये के कर्ज तले दबी इंडस्ट्री को उबारने के लिए ऊंची टैरिफ और सरकार की तरफ से टैक्स एवं अन्य मदों में मांग में कटौती की सख्त दरकार है।

सरकार ने बुधवार को ही दी एक खुशखबरी
बहरहाल, इंडस्ट्री को बुधवार शाम सरकार की तरफ से एक खुशखबरी मिल चुकी है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी की मीटिंग में दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम पेमेंट पर दो साल की छूट देने का फैसला किया गया। वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 का स्पेक्ट्रम पेमेंट टाले जाने से भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो को 42 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। हालांकि, टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को ही लोकसभा में स्पष्ट कहा कि एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की देनदारी पर तुरंत कोई राहत देने पर विचार नहीं हो रहा है।

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