कैश वैन के ड्राइवर की मिलीभगत से हुई 1.52 करोड़ की लूट

कैश वैन के ड्राइवर की मिलीभगत से हुई 1.52 करोड़ की लूट

सेक्टर-1 मणिपाल अस्पताल के सामने से 1.52 करोड़ की कैश लूट वैन के ड्राइवर की मिलीभगत से अंजाम दी गई थी। वारदात के पास घूम रही एक गाड़ी से यह मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। वारदात के बाद मेरठ में इस गाड़ी के तीन चालान हुए थे।


नई दिल्ली
द्वारका के सेक्टर-1 मणिपाल अस्पताल के सामने से 1.52 करोड़ की कैश लूट वैन के ड्राइवर की मिलीभगत से अंजाम दी गई थी। वारदात के पास घूम रही एक गाड़ी से यह मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। वारदात के बाद मेरठ में इस गाड़ी के तीन चालान हुए थे। इसकी वजह से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस ने 54.40 लाख की रकम भी बरामद कर ली है।
वेस्टर्न रेंज की जॉइंट कमिश्नर शालिनी सिंह ने बताया कि 21 नवंबर को हुई वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई थीं। ड्राइवर पर शुरू से ही शक था। वैन के डिजिटल रूट को देखा गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। छानबीन में पुलिस को सेक्टर-19 में एक बदमाश ई-रिक्शा पर घूमता दिखाई दिया। इसने यह ई-रिक्शा सेक्टर-19 के मॉल से लिया था। टीम ने ई-रिक्शा का पीछा उत्तम नगर तक किया। इसके अलावा पुलिस को पता चला कि ऐसी ही लूट का एक प्रयास पिछले साल पटेल नगर इलाके में हुआ था। इसमें दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस इनकी जानकारी भी जुटाने लगी। इनकी मूवमेंट मेरठ, यूपी, कोलकाता और नेपाल आदि में बदल रही थी।
यूं हुआ खुलासा
वारदात वाली जगह की सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार भी नजर आई। यह कार रोहिणी के धनी राम के नाम पर रजिस्टर्ड है। धनीराम ने बताया कि इसे राजेश उर्फ मदनलाल इस्तेमाल कर रहा है जो पटेल नगर का घोषित बदमाश है। इसके बाद कार की छानबीन शुरू हुई। ड्राइवर धीरज पुरी से भी पूछताछ जारी रही। आखिर ड्राइवर ने गुनाह कुबूल किया और मदनलाल के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने मदनलाल को रोहिणी ने गिरफ्तार किया। उसके पास लूट के 30 लाख बरामद हुए। ड्राइवर के बुराड़ी स्थित घर की तलाशी लेने पर 24.40 लाख रुपये बरामद हुए।

मदन ने बताया कि धीरज उनके साथ पटेल नगर की लूट के समय से ही जुड़ा हुआ है। लूट के लिए पूरे एरिया की रेकी की गई। जब धीरज कैश वैन लेकर आया तो उन्होंने वैन को लूटा और धीरज ने छोटी-मोटी चोट दिखाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वारदात के बाद मदन अपने दो साथियों से पश्चिम विहार में मिला और कैश का हिस्सा बांट लिया। इसी में उन्होंने धीरज को भी उसके हिस्से के 30 लाख रुपये दिए।

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article