
दिल्ली-NCR में आतंकी अलर्ट, 'कुछ बड़ा' करने की साजिश में 2-4 आतंकी
रविवार, 12 जनवरी 2020
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नई दिल्ली
दिल्ली और एनसीआर में अभी दो से चार आतंकवादी और छिपे हो सकते हैं। इनकी मंशा 26 जनवरी या इससे पहले दिल्ली में कुछ 'बड़ा' करने की है। इसमें किसी पुलिस अफसर को निशाना बनाना भी शामिल हो सकता है। जिस तरह से इन्होंने 2014 में तमिलनाडु में हिंदूवादी नेता केपी सुरेश की हत्या कर दी थी। गिरफ्तार तीन कथित आतंकियों के साथियों ने हाल ही में उधर ही पुलिस थाने में घुसकर एक सब-इंसपेक्टर की भी हत्या कर दी। अब इनका अगला निशाना दिल्ली था। जहां इनकी टेरर स्ट्राइक से पहले स्पेशल सेल ने इनके तीन साथियों को धर-दबोचा।
पकड़े जाने वाले कथित आतंकियों में ख्वाजा मोइनुद्दीन (52), सैयद अली नवाज (32) और अब्दूल समद उर्फ नूर (28) के रूप में हुई है। तीनों तमिलनाडु के रहने वाले हैं। इनमें सबसे शातिर ख्वाजा मोइनुद्दीन है। इन तीनों से सेल की पूछताछ में पता लगा है कि यह लोग इन्हें अब दिल्ली में कुछ 'बड़ा' करने के लिए भेजा गया था। उन्हें टारगेट दिया जाना था। यह सब विदेशी हैंडलर तय करते थे कि उन्हें कब, क्या करना होगा। हालांकि, इनके एक और साथी जफर को गुजरात पुलिस ने पकड़ा है। स्पेशल सेल उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ला रही है। उससे भी काफी कुछ खुलासा होने की उम्मीद है। पता लगा है कि जफर इन्हें हथियार और अन्य सामग्री मुहैया कराता था।
छह लोगों के इनके गैंग में अभी तीन गिरफ्तार हुए हैं। कम से कम तीन अभी फरार हैं। दो मुख्य हैंडलर और दो से तीन लोग ऐसे हैं, जो इन्हें ऑन डिमांड चीजें मुहैया कराते थे। इनमें से एक को गुजरात पुलिस ने पकड़ा है। फिलहाल, स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए इन तीनों कथित आतंकवादियों से पूछताछ में तमिल भाषा थोड़ी समस्या कर रही है। वैसे, सेल ने तमिल पुलिसकर्मियों का बंदोबस्त किया है। ख्वाजा के पीएफआई लिंक का तो पता लगा है। सेल को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इनके एक-दो साथियों को पकड़ा जा सकता है। हालांकि, सेल का कहना है कि अभी तक इनके अलावा किसी अन्य आतंकवादी संगठन की ओर से दिल्ली पर आतंकवादी हमला करने का कोई इनपुट नहीं मिला है। लेकिन सावधानी बरती जा रही है।