
चीन ने लैब में गलती से पैदा कर दिया कोरोना वायरस?
सोमवार, 17 फ़रवरी 2020
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पेइचिंग
चीन में फैले कोरोना के खौफ ने दुनियाभर में लोगों को हिला दिया है। हर दिन नॉवल कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लेकिन अभी भी बड़ा सवाल है कि आखिर इस खतरनाक वायरस की शुरुआत कहां से हुई। चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान को इस बीमारी का केंद्र माना गया है। लेकिन अब चीनी वैज्ञानिकों का मानना है कि हो सकता है कोरोना वायरस की शुरुआत वुहान के फिश मार्केट से कुछ दूर स्थित एक सरकारी रिसर्च लैब से हुई हो।
चीन की सरकारी साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी के मुताबिक, हुबेई प्रांत में वुहान सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (WHDC) ने रोग फैलाने वाली इस बीमारी के वायरस को जन्म दिया हो। स्कॉलर बोताओ शाओ और ली शाओ का दावा है कि WHCDC ने लैब में ऐसे जानवरों को रखा जिनसे बीमारियां फैल सकती हैं, इनमें 605 चमगादड़ भी शामिल थे। उनके मुताबिक, 'हो सकता है कि 2019-CoV कोरोना वायरस की शुरुआत यहीं से हुई हो।' इसके अलावा इनके रिसर्च पेपर में यह भी कहा गया है कि कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार चमगादड़ों ने एक बार एक रिसर्चर पर हमला कर दिया और चमगादड़ का खून उसकी स्किन में मिल गया।
करॉना वायरस: पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन को की मदद की पेशकशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिख कर करॉना वायरस महामारी पर भारत की तरफ से मदद की पेशकश की है। अब तक चीन में करॉना वायरस से 800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति और वहां की जनता के प्रति एकजुटता भी व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही भारतीय नागरिकों को वापस लाने में चीन से मिली मदद के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, 'रोगियों में मिले जीनोम सीक्वेंस 96 या 89 फीसदी थे जो बैट CoC ZC45 कोरोना वायरस के समान हैं लेकिन ये मूल रूप से राइनोफस एफिनिस में पाए जाते हैं।' रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां मौजूद देसी चमगादड़ वुहान के सीफूड मार्केट से करीब 600 मील दूर पाए जाते हैं। और यूनन व झेजियांग प्रांत से उड़कर आए चमगादड़ों की संख्या शायद बहुत कम रही होगी। इसके अलावा, स्थानीय लोगों को चमगादड़ खाने की सलाह बहुत कम दी जाती है। 31 निवासियों और 28 विजिटर्स ने इस बारे में गवाही भी दी है।
सरकार की प्रयोगशाला में पैदा हुआ कोरोना?
अब तक 17 सौ से ज्यादा जानें ले चुके कोरोना वायरस के खौफ के बीच हवा में कई आशंकाएं और सवाल भी तैर रहे हैं। क्या कोरोना वायरस चीन की सरकार की प्रयोगशाला में पैदा हुआ था? कुछ वैज्ञानिकों को इस बात की पूरी आशंका है। इन वैज्ञानिकों के मुताबिक बहुत संभव है कि वुहान के मछली बाजार से कुछ दूर स्थित वुहान सेंटर फॉर डिजीज़ कंट्रोल ऐंड द वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वाइरॉलजी में चमगादड़ों और जानवरों से इंसान में फैलने वाली बीमारियों पर रिसर्च के दौरान यह वायरस पैदा हुआ हो।
जापान के समुद्र तटीय क्षेत्र के पास एक क्रूज जहाज पर 99 और लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। जापानी मीडिया ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के नये आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। इसके अनुसार डायमंड प्रिंसेस नामक इस जहाज पर अब कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 454 हो गयी है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी इन खबरों की पुष्टि नहीं की है।
हांगकांग की पुलिस उन सशस्त्र लुटेरों की तलाश कर रही है जिन्होंने सैकड़ों टॉयलेट रोल लूट लिए। दरअसल कोरोना वायरस के खतरे के बीच टॉयलेट रोल की मांग बढ़ी है और उसकी कमी की आशंका में ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
अब तक 1700... कोरोना के वायरस के जिंदगियां निगलने का सिलसिला जारी है। चीन में कोरोना वायरस से हुबेई प्रांत में 100 और लोगों के मारे जाने के कारण इससे मरने वालों की संख्या सोमवार को 1700 के पार हो गई।
चीन के स्वास्थ्य आयोग ने इसके 1,933 नए मामले सामने आने की पुष्टि की है। चीन में इससे कम से कम साढ़े 70 हजार लोग संक्रमित हैं। इनमें से सबसे अधिक लोग हुबेई प्रांत में हैं, जहां से दिसंबर में यह वायरस फैलना शुरू हुआ था।
गुड न्यूज... कोरोना के संक्रमण के नए मामलों में पिछले सप्ताह की तुलना में हालांकि कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का 12 सदस्यीय दल चीन पहुंच चुका है और चीनी अधिकारियों के साथ संक्रमण को समझने का काम कर रहा है।
जापान तट पर खड़े क्रूज जहाज में मौजूद दो और भारतीयों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वहीं, भारत ने भरोसा दिलाया है कि वह जहाज पर मौजूद अपने नागरिकों की सोमवार से शुरू होने वाली अंतिम जांच में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं होने पर उनकी स्वदेश वापसी के लिए हर संभव सहायता मुहैया करेगा। जापान के तट पर इस महीने की शुरूआत से अलग खड़े डायमंड प्रिंसेस नामक जहाज पर कुल 3,711 लोग सवार हैं। इनमें चालक दल के 132 सदस्यों और 6 यात्रियों सहित कुल 138 भारतीय हैं। जहाज पर रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 355 पहुंच गई।
फिश मार्केट से कुछ ही दूर थी लैब
इसके अलावा इन वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि यह रिसर्च WHCDC की सिर्फ कुछ गज बड़ी एक लैब में की जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, WHCDC में एक रिसर्चर ने बताया था कि एक चमगादड़ का खून स्किन में आने के बाद उसने खुद को दो हफ्तों तक अलग रखा था। इसी व्यक्ति ने एक चमगादड़ द्वारा पेशाब किए जाने के बाद भी खुद को अलग रखा था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि WHCDC को पास के यूनियन हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया था जहां डॉक्टर्स का पहला ग्रुप कोरोना वायरस से संक्रमित था। यह मुमकिन है कि वायरस आसपास फैल गया और इनमें से कुछ ने इस खतरनाक बीमारी के शुरुआती मरीजों को अपनी चपेट में ले लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि हो सकता है वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने वायरस लीक किया हो। इससे पहले भी इस तरह की खबरें सामने आ चुकी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 'इस लैब ने ही यह बताया था कि चीनी हॉर्सशू चमगादड़ ही 2002-2003 में फैले सीवियर अक्यूट रेस्पायरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस (SARS-CoV) के लिए जिम्मेदार थे।' इस रिपोर्ट के आखिर में कहा गया है कि हो सकता है जानलेवा कोरोना वायरस की शुरुआत वुहान की एक लैब से हुई हो।
करॉना वायरसः स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दी जानकारी, बोले- हालात से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहेसंसद के बजट सत्र में चर्चा के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने को करॉना वायरस को लेकर जानकारी दी। हर्षवर्धन ने कहा कि चीन में फैले करॉना वायरस के संक्रमण से देश में उत्पन्न हालात से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित एक मंत्रिसमूह (जीओएम) रोजाना आधार पर समीक्षा कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने चीन में नोवेल करॉना वायरस के प्रकोप के संबंध में भारत सरकार के कदमों के बारे में लोकसभा में स्वत: आधार पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) बनाया गया है जो पूरे देश में करॉना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते उत्पन्न स्थिति पर निगरानी रख रहा है।
गौर करने वाली बात है कि दुनियाभर में अब तक 69,000 से ज्यादा लोग इस बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं चीन में 1,665 लोगों की कोरोना से जान जा चुकी है। अधिकतर मौतें हुबेई प्रांत में हुई हैं जो इस बीमारी का केंद्र है।