प्रयागराज: कोरोना वायरस की रोकथाम के प्रयास, सीएमओ कार्यालय बना कन्ट्रोल रूम

प्रयागराज: कोरोना वायरस की रोकथाम के प्रयास, सीएमओ कार्यालय बना कन्ट्रोल रूम



 

प्रयागराज
देशभर में कोरोना वायरस को लेकर घोषित अलर्ट के बीच प्रयागराज में भी कोरोना वायरस का खौफ दिखने लगा है। कोरोना वायरस की रोकथाम और इससे बचाव के लिए सीएमओ कार्यालय में कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। इसके साथ ही कन्ट्रोल रूम के दो फोन नम्बर भी जारी किए गए हैं। कोरोना वायरस कन्ट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर 0532-2640645 और नोडल ऑफिसर डॉ गणेश प्रसाद का मोबाइल नम्बर 9415238998 कन्ट्रोल रूम के इमरजेंसी नम्बर के तौर पर जारी कर दिया गया है।
अब कन्ट्रोल रूम से ही कोरोना वायरस के संभावित मरीजों पर नजर भी रखी जा रही है। तीन शिफ्टों में कन्ट्रोल रूम में डॉक्टरों की पांच टीमें काम कर रही हैं। लोगों को फोन पर कोरोना को लेकर जानकारी तो दी ही जा रही है, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ ही अन्य लोगों को कोरोना को लेकर ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात यह है कि प्रयागराज जिले में अभी तक कोरोना का कोई संक्रमित मरीज रिपोर्ट नहीं हुआ है। लेकिन पिछले दिनों चीन समेत दूसरे देशों की यात्रा से लौटे 67 लोगों में से 29 लोगों को अब भी स्वास्थ्य विभाग ने अपने ऑब्जरवेशन में रखा है। इससे पहले प्रयागराज में 30 लोगों को लगभग 14 दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग बेहद गोपनीय तरीके से लोगों को आइसोलेशन में रखकर उनका परीक्षण कर रहा था, जिससे लोगों में किसी तरह का भ्रम या दहशत न फैले। जिन लोगों को ऑब्जरवेशन में रखा गया था, सब कुछ नॉर्मल मिलने के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया। लेकिन फिर से कोरोना का अलर्ट जारी होने के बाद प्रयागराज में स्वास्थ्य विभाग की टीम उन पर भी नजर बनाए हुए है।
बाहरी देशों से आए चार लोग दूसरे जिलों के थे, जिनके बारे में सम्बन्धित जिलों के सीएमओ को सूचना दे दी गई है। जबकि चार अन्य की जानकारी जुटाने में जिला प्रशासन जुटा हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए हैं। फिर भी जिला प्रशासन अलर्ट के साथ बाहर से आने वाले लोगों का डेटा तैयार कर उन पर नजर रखे हुए है।
कोरोना के लिए बनाए गए नोडल ऑफिसर डॉ गणेश प्रसाद के मुताबिक, संदिग्ध मरीजों के बारे में जानकारी मिलते ही तुरन्त उन्हें आइसोलेसन वार्ड में भर्ती कराकर उनकी प्रॉपर जांच के लिए सैंपल लेकर उसे केजीएमयू भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। एयरपोर्ट पर भी एक एंबुलेंस की तैनाती की गई है साथ ही शहर के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में एक अलग आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। जिसमें 20 से 30 बेड के इंतजाम किए गए हैं।


Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article