डोनाल्ड ट्रंप का बयान- 'चीन से सीमा विवाद पर पीएम मोदी अच्छे मूड में नहीं हैं'

डोनाल्ड ट्रंप का बयान- 'चीन से सीमा विवाद पर पीएम मोदी अच्छे मूड में नहीं हैं'



वॉशिंगटन

भारत-चीन सीमा विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने मध्यस्थता के अपने ऑफर को दोहराते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे मूड में नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि दोनों देशों के बीच तनातनी के बाद इस बड़े विवाद पर उन्होंने पीएम मोदी से चर्चा की है। ट्रंप ने वाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही।
'भारत-चीन में बड़ा टकराव, दोनों खुश नहीं'
ट्रंप ने इस दौरान भारत-चीन सीमा विवाद का जिक्र करते हुए कहा, 'भारत और चीन के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है। मैं आपके प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को बहुत पसंद करता हूं। वह एक महान जेंटलमैन हैं। भारत-चीन में बड़ा विवाद है। दोनों देशों के पास तकरीबन 1.4 अरब आबादी है। दोनों देशों की सेनाएं बहुत ही ताकतवर हैं। भारत खुश नहीं है और मुमकिन है कि चीन भी खुश नहीं है।'
'चीन विवाद पर मोदी अच्छे मूड में नहीं हैं'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या भारत-चीन के बीच सीमा पर चल रही तनातनी से वह चिंतित हैं तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैं आपको बता रहा हूं कि मैंने पीएम मोदी से इस बारे में बात की है। चीन के साथ जैसा चल रहा है, उसको लेकर वह अच्छे मूड में नहीं हैं।' इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने भारत-चीन के सीमा विवाद में मध्यस्थता की पेशकश की थी।

"भारत-चीन में बड़ा विवाद है। दोनों देशों के पास तकरीबन 1.4 अरब आबादी है। दोनों देशों की सेनाएं बहुत ही ताकतवर हैं। भारत खुश नहीं है और मुमकिन है कि चीन भी खुश नहीं है। अगर मुझसे मदद मांगी जाती है तो मैं मध्यस्थता करूंगा।"-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

मध्यस्थता के ऑफर को ट्रंप ने दोहराया
ट्रंप से उनके ट्वीट को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने मध्यस्थता के ऑफर को दोहराते हुए कहा, 'अगर मुझसे मदद मांगी जाती है तो मैं यह (मध्यस्थता) करूंगा।' बता दें कि इससे पहले ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा था, 'हमने भारत और चीन को बताया है कि अमेरिका दोनों के बीच उबलते सीमा विवाद में मध्यस्थता करने या फैसला करने के लिए तैयार है, इच्छुक है और योग्य भी है।'
भारत ने ठुकराई थी ट्रंप की पेशकश
इससे पहले लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चल रहे विवाद के बीच भारत ने ट्रंप के ऑफर को ठुकरा दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को कहा, 'हम इसके शांतिपूर्वक समाधान के लिए चीन के संपर्क में हैं।' श्रीवास्तव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस वार्ता कर रहे थे। इस दौरान उनसे भारत-चीन के बीच मध्यस्थता के ट्रंप के ऑफर पर कई सवाल किए गए।
भारत-चीन टेंशन के बीच ट्रंप के इस ट्वीट से हलचलभारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव को लेकर अब अमेरिका आगे आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने भारत और चीन दोनों से कहा है कि वह इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं।

अनुशासन का प्रदर्शन, संप्रभुता से समझौता नहीं: भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ऑनलाइन प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारतीय सैनिकों ने बॉर्डर मैनेजमेंट का बड़ी जिम्मेदारी के साथ सम्मान किया है। उन्होंने कहा, 'भारतीय सैनिक मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन के साथ हुए द्विपक्षीय समझौतों के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का कठोरता से पालन कर रहे हैं।'
बॉर्डर पर चीन के चिढ़ने की ये है 'इनसाइड' स्टोरीभारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव लगातार जारी है। दोनों पक्षों के बीच 6 राउंड की बातचीत असफल हो चुकी है। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर कोरोना काल में चीन ऐसी हरकतें क्यों करने लगा। इस वीडियो में जानिए चीन के चिढ़ने की इनसाइड स्टोरी।

उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल सीमा प्रबंधन को लेकर (भारत-चीन के) राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी सहमति और उनकी तरफ से निर्धारित दिशा-निर्देशों का बहुत बारीकी से पालन करते हैं। हालांकि, उन्होंने फिर से साफ कर दिया कि अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए संप्रभुता की रक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा, 'हम भारत की संप्रभुता अक्षुण्ण रखने के प्रति अपने संकल्प में अडिग हैं।'
लद्दाख में हमले की तैयारी कर रहा चीन?
इन सबके बीच हमारे सहयोगी टीवी चैनल टाइम्स नाउ ने सैटेलाइट की तस्वीरें देखी हैं, जिनसे पता चलता है कि चीन ने लद्दाख वॉर मॉडल को हेलन शन इलाके में रीक्रिएट किया था, ताकि इसकी अच्छे से स्टडी की जा सके। साथ ही अपने सुरक्षा बलों को भविष्य के संभावित हमले के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।
लद्दाख में विवादित इलाके में सुरक्षा बल, हैलीपैड, पावर प्लांट यूनिट, पीएलए कैंप और बड़े ट्रक देखे गए हैं। इससे चीन का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है कि एक तरफ तो वह शांति की बात करता है और दूसरी तरफ हमला करने की तैयारी कर रहा है।


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