पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में लगाया पैसा तो हर महीने होती रहती है कमाई
मंगलवार, 12 मई 2020
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नई दिल्ली
कौन नहीं चाहता कि उसे अपने निवेश पर बढ़िया रिटर्न मिले। फिर निवेश ऐसा हो जो हर महीने कमाई का जरिया हो तो कोरोनाकाल में इससे बढ़िया क्या हो सकता है। नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, कई लोग बेरोजगार हो चुके हैं। ऐसे में अगर आपने पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम(MIS) में पैसा लगाया हुआ है तो आपको इस काल में वह फैसला सही लग रहा होगा।
MIS ऐसी स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसमें पैसे लगाने पर आपको हर महीने कमाई का मौका मिलता है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करने से हर महीने बतौर ब्याज आपको इनकम होती है। इस अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 5 साल की होती है। आइए इस स्कीम के बारे में सबकुछ समझते हैं।
क्या है MIS?
इस स्कीम के तहत सिंगल और जॉइंट दोनों तरह से अकाउंट खोला जा सकता है। इंडिविजुअल खाता खोलते समय आप इस स्कीम में न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। लेकिन, जॉइंट अकाउंट के मामले में अधिकतम 9 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। रिटायर्ड और सीनियर सिटिजन्स के लिए यह काफी फायदे की स्कीम है।
क्या-क्या फायदे मिलते हैं?
- अगर जॉइंट अकाउंट खुलवाया गया है तो बतौर ब्याज मिलने वाली इनकम को बराबर हिस्सों में हर खाताधआरक को दिया जाता है।
- जॉइंट अकाउंट को कभी भी सिंगल में बदला जा सकता है। इसी तरह सिंगल को जॉइंट में कन्वर्ट किया जा सकता है।
-अकाउंट में बदलाव कराने के लिए जॉइंट ऐप्लिकेशन देनी होती है।
MIS खाते से पैसे निकालने की शर्तें
-अकाउंट खुलने से एक साल तक आप इसमें से पैसा नहीं निकाल सकते।
-एक से तीन साल के बीच पैसा निकालते हैं तो जमा का 2% काटकर वापस मिलेगा।
-अकाउंट खुलने के 3 साल बाद मैच्योरिटी के पहले कभी भी पैसा निकालते हैं तो जमा रकम का 1% काटकर वापस मिलेगा
- किसी खास मौके पर इस स्कीम में जमा पैसे को मैच्योरिटी से पहले भी निकाल सकते हैं।
MIS क्यों है खास?
-इस अकाउंट को आप एक से दूसरे पोस्ट ऑफिस में शिफ्ट करवा सकते हैं।
-मैच्योयरिटी के 5 साल पूरे हो जाने के बाद आप रकम को दोबारा निवेश कर सकते हैं।
-इसमें नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है, ताकि अनहोनी पर नॉमिनी को राशि मिल सके,
-MIS योजना में टीडीएस नहीं कटता, लेकिन ब्याज पर टैक्स देना होता है।