चीन की मदद से भारत को फंसाना चाहता था पाकिस्‍तान, अमेरिका ने किया फेल

चीन की मदद से भारत को फंसाना चाहता था पाकिस्‍तान, अमेरिका ने किया फेल




 वॉशिंगटन/नई दिल्‍ली



आतंकवाद को समर्थन देने के मुद्दे पर पाकिस्‍तान के भारत को भी फंसाने की योजना को अमेरिका ने विफल कर दिया है। दरअसल, जम्‍मू-कश्‍मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर के संयुक्‍त राष्‍ट्र के बैन करने के बाद पाकिस्‍तान ने यह नापाक साजिश रची थी। अमेरिका ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्‍तान के प्रस्‍ताव को रोक दिया।
शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने सुरक्षा परिषद को शुक्रवार को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि वह आधिकारिक रूप से पाकिस्‍तान के प्रस्‍ताव को रोक रहा है। पाकिस्‍तान ने 4 भारतीय नागरिकों पर उसके यहां पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया था। इसमें अफगानिस्‍तान में सक्रिय भारतीय कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी के इंज‍िन‍ियर वेनू माधव डोंगरा भी शामिल हैं।
वेनू माधव को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराना चाहता था पाक
पाकिस्‍तान को उम्‍मीद थी कि चीन की मदद से वह संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद से वेनू माधव को वैश्विक आतंकवादी घोषित करा लेगा लेकिन उसकी योजना धरी की धरी रह गई। अमेरिका ने पिछले साल सितंबर महीने में इस प्रस्‍ताव को तकनीकी रूप रोक दिया था और पाकिस्‍तान से डोंगरा के खिलाफ और ज्‍यादा सबूत देने के लिए कहा था।
पाकिस्‍तान के और ज्‍यादा सबूत नहीं देने पर अमेरिका ने डोंगरा के खिलाफ आए प्रस्‍ताव को आधिकारिक रूप से रोक दिया। इसके साथ ही अब यह प्रस्‍ताव खत्‍म हो गया है। अब अगर पाकिस्‍तान अब भी डोंगरा को फंसाना चाहता है तो उसे नया प्रस्‍ताव लाना होगा। बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तान डोंगरा के बहाने मसूद अजहर का बदला लेना चाहता था लेकिन वह अपनी योजना में बुरी तरह से फेल हो गया। इससे पहले चीन ने मसूद अजहर पर आए प्रस्‍ताव को 4 मौकों पर ब्‍लॉक किया था।
'सबूत देने में पाकिस्‍तान बुरी तरह से फेल'
सूत्रों ने बताया कि डोंगरा के खिलाफ सबूत देने में पाकिस्‍तान बुरी तरह से फेल हुआ। पाकिस्‍तान ने डोंगरा पर आतंकवादी हमलों के वित्‍तपोषण और आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान से संबंध रखने का आरोप लगाया था। इससे पहले पाकिस्‍तान ने 3 और भारतीयों पर यही आरोप लगाए थे और ये सभी भारत लौट चुके हैं। भारतीय अधिकारी ने कहा, 'हमने कभी पाकिस्‍तान से यह अपेक्षा नहीं की थी कि वह कोई गंभीर सबूत लेकर आएगा। अजहर के केस में यहां तक कि चीन को प्रतिबंध के प्रस्‍ताव पर अपनी रोक को हटाना पड़ा था क्‍योंकि जैश सरगना ने न केवल हमलों की साजिश रची थी बल्कि वह संयुक्‍त राष्‍ट्र की ओर से प्रतिबंधित संगठन का मुखिया है।'


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