खाकी फिर हुई दागदार, गैंगस्टर विकास दुबे - पपला गुर्जर जैसी घटनाओं से भी नहीं लिया सबक
रविवार, 2 अगस्त 2020
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अलवर।
पुलिस को लेकर यह भरोसा जताया जाता है कि वो अपराधियों के मन में भय और आमजन में विश्वास रखेगी, लेकिन कुछ समय से खाकी को लेकर लगातार ऐसी खबरें आ रही है, जो आम लोगों के बीच विश्वास कर दें। ताजा मामला अलवर का है। यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे और अलवर के बहरोड़ से फरार पपला गुर्जर में पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की आग अभी ठंडी भी नही हुई कि अलवर के बहरोड़ के पास ही नीमराणा थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के द्वारा ही अपराधियो को संरक्षण देकर अवैध टेंकरो से दूध चोरी करने के अड्डे चलवाने और कार्यवाही के बाद आरोपियों को रिहा करने के लिए दबाव बनाने का मामला उजागर हुआ है।
तीन कांस्टेबलों को किया निलंबित
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी भिवाड़ी राममूर्ति जोशी ने 3 कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक एएसआई और 4 कांस्टेबलो को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी जोशी ने नीमराणा डीएसपी का ड्राइवर और कांस्टेबल संजय यादव ,डीएसटी टीम के कांस्टेबल संजय धनकड़ को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 5 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है, जिनकी जांच बहरोड़ डीएसपी अतुल साहू को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि अलवर जिले के नेशनल हाइवे आठ पर पुलिस कर्मियों की ओर से अपराधियो से सांठगांठ कर टैंकरो से दूध चोरी करने के अड्डे संचालित करवाये जा रहे थे।
ऐसे हुआ खुलासा
भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि 28 जुलाई को शाम नीमराणा और शाहजहांपुर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान हाईवे पर संगठित होने वाले विभिन्न प्रकार के अपराधों की समीक्षा की गई । इसमें 18 जुलाई को नीमराणा थाना पुलिस की ओर से नेशनल हाईवे पर बिचपुरी पर दिल्ली जाने वाले दूध के टैंकर से दूध चोरी करने वाले 6 व्यक्तियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अनुसंधान कर जांच शुरू की गई ।प्रकरण के अनुसंधान के दौरान गोपनीय रूप से जानकारी मिली थी , जिसमें पता चला कि नीमराना पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय की गाड़ी का चालक संजय यादव ने ही दूध चोरी के अवैध धंधा करने वाले अपराधियों से सांठगांठ कर उन्हें प्रो्साहित किया था। साथ ही इस मामले में डीएसटी टीम के कांस्टेबल संजय धनकड़ अभियुक्त को अनुचित रूप से रिहा करने हेतु दबाव बनवा रहा था।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रकरण की अलग से जांच डीएसपी भैरव को सौंपी गई है। जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिससे अपराधियों से पुलिसकर्मियों की सांठगांठ को रोका जा सके। इस संबंध में प्रारंभिक जांच रोड के पुलिस उपाधीक्षक अतुल साहू को सौंपी गई है, जो तीन दिन में अपनी जांच पेश करेंगे।