Kangana shiv sena row: कंगना का दफ्तर क्‍यों तोड़ा... संजय राउत बोले- हमें क्‍या पता बीएमसी से पूछो

Kangana shiv sena row: कंगना का दफ्तर क्‍यों तोड़ा... संजय राउत बोले- हमें क्‍या पता बीएमसी से पूछो

 




मुंबई



फिल्म ऐक्ट्रेस कंगना रनौत के मुंबई स्थित ऑफिस पर बीएमसी की ओर से बुलडोडर चलाए जाने के बाद बड़ा सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस पूरे विवाद के केंद्र में रहे शिवसेना नेता संजय राउत ने सफाई दी है कि कंगना का दफ्तर बीएमसी ने तोड़ा, शिवसेना का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
गुरुवार को जब संजय राउत से इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्‍होंने कहा, 'कंगना रनौत के ऑफिस पर बीएमसी ने कार्रवाई की थी। इसका शिवसेना से कोई कनेक्‍शन नहीं है। आप इस मसले पर मेयर या बीएमसी के कमिश्‍नर से बात करें।' टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद संजय राउत मातोश्री चले गए। बताया जा रहा है कि वहां पार्टी के रुख को लेकर चर्चा होगी।






कंगना रनौत के दफ्तर पर ही नहीं बल्कि उनके घर के अवैध कंस्ट्रक्शन पर भी बीएमसी की नजरें हैं। हालांकि, कोर्ट ने तोड़क कार्रवाई से बीएमसी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यहां बता दें कि बॉलिवुड में केवल कंगना ही नहीं बल्कि शाहरुख, कपिल शर्मा जैसे कई और सिलेब्रिटीज़ हैं जिनपर बीएमसी का कहर टूट चुका है।






बॉलिवुड ऐक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के ऑफिस पर भी बीएमसी की नजर पड़ चुकी है। बीएमसी ने प्रियंका के ओशिवारा स्थित ऑफिस में अवैध निर्माण करने पर करीब दो साल पहले कानूनी नोटिस जारी किया था और उस वक्त वह न्यू यॉर्क में थीं। बीएमसी ने प्रियंका से इसे एक महीने में तोड़ने को भी कहा था। बताया गया था कि प्रियंका को यह नोटिस अंधेरी वेस्ट इलाके के ओशिवरा में ऑफिस और उसी के पास बने एक अन्य कमर्शल कॉम्प्लेक्स के अंदर कथित रूप से अवैध निर्माण करने पर भेजा गया था।






बीएमसी के निशाने पर इरफान खान का भी फ्लैट रहा, जिसे लेकर पुलिस और बीएमसी दोनों को कई शिकायतें मिली थीं। डीएलएच बिल्डिंग के 5वें फ्लोर पर स्थित इरफान खान के फ्लैट को पर इंस्पेक्शन के दौरान टीम को फ्लैट के स्ट्रक्चर में काफी बदलाव देखने को मिला। कई एरिया लको गलत तरीके से बढ़ाया गया था और आधे से ज्यादा पार्किंग एरिया को डाइनिंग हॉल में बदल दिया गया था। इसके अलावा बेडरूम, हॉल और बालकनी एरिया में भी काफी बदलाव लाया गया था। फ्लैट में दो दीवारों को तोड़कर रूम साइज को बढ़ाया गया है। इस मामले में पुलिस ने इरफान खान समेत अन्य चार लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। बता दें कि 17 फ्लोर की देव लैंड हाउसिंग सोसायटी के हर फ्लोर पर पार्किंग है।






साल 2015 में यह खबर सुर्खियों में रही, जब शाहरुख खान के आलीशान बंगले मन्नत के बाहर हुए अतिक्रमण को बीएमसी ने अपनी फौज बुलाकर तोड़ डाला था। दरअसल, मन्नत के बाहर शाहरुख खान ने अपने बंग्ले के ठीक बाहर बिना बीएमसी की अनुमति लिए स्टील रैम्प बनवाए थे, जिसकी शिकायत बीएमसी के पास पहुंची। बीएमसी ने इस कंस्ट्रक्शन को गैर-कानूनी बताते हुए इसे तोड़ डाला था।


इसके बाद साल 2017 में बीएमसी का डंडा एक बार फिर शाहरुख खान के कंस्ट्रक्शन पर चला। शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के ऑफिस की कैंटीन को तोड़ दिया गया। बीएमसी ने 2 हजार स्क्वायर फुट में बने इस कैंटीन को अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया था।






बीएमसी के डंडे से अरशद वारसी का बंगला भी नहीं बचा है। साल 2017 में वर्सोवा में अरशद के बंगले पर बने एक कंस्ट्रक्शन को अवैध बताते हुए तोड़ डाला था। इससे पहले बीएमसी ने एयर इंडिया को-ऑपरेटिव सोसाइटी के बंगले नंबर 10 पर नोटिस चिपकाया था और अरशद वारसी को दूसरी मंजिल (लगभग 1,300 वर्ग फीट) के अवैध निर्माण को हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। जवाब नहीं मिलने पर बीएमसी ने फौरन अपनी कार्रवाई कर डाली।






साल 2017 में मीका सिंह के फ्लैट पर भी मुंबई महानगरपालिका की नजर पड़ चुकी है, जिसके बाद बीएमसी ने उन्हें लीगल नोटिस जारी किया था। खबर थी कि मीका ने अपने ओशिवारा स्थित डीएलएच एन्क्लेव फ्लैट में अवैध निर्माण करवाया है, जिसके कारण उन्हें BMC ने नोटिस भेजा है। बताया गया था कि मीका ने अपने फ्लैट में एक पिलर को गलत तरीके से हटाया है, जिसके लिए उन्होंने बीएमसी से इजाजत नहीं ली। फ्लैट में और भी कई बदलाव के साथ-साथ अंदर गलत तरीके से डक्ट्स और वेंटिलेशन का निर्माण कराया गया। बीएमसी ने महाराष्ट्र रीजनल टाउन प्लानिंग एक्ट के तहत मीका को नोटिस जारी किया था। कहा गया था कि मीका ने अपने फ्लैट में जो अवैध निर्माण कराया है उसके कारण बिल्डिंग की नीव कमजोर पड़ सकती है। इस मामले में मीका को एक हफ्ते का समय दिया गया था।






कपिल शर्मा और बीएमसी के बीच हुआ यह पंगा भी खूब सुर्खियों में रहा था। मामला कपिल के गोरेगांव स्थित फ्लैट से जुड़ा था। कपिल पर आरोप था कि उन्होंने अपने फ्लैट में अवैध निर्माण कराया है। साल 2016 में बीएमसी ने वर्सोवा स्थित कपिल शर्मा के बंगले में हुए अवैध निर्माण को तोड़ डाला था। दरअसल कपिल शर्मा के बंगले पर यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब उन्होंने बीएमसी के नोटिस का जवाब नहीं दिया। इस नोटिस में निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। कपिल शर्मा भी इस ऐक्शन के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे थे और बताया कि गोरेगांव की 18 मंजिली इमारत को बीएमसी साल 2013 में सीसी और ओसी दे चुकी थी, लेकिन फिर, अचानक से नवंबर, 2014 को बीएमसी के बिल्डिंग और फैक्‍ट्री डिपार्टमेंट ने नोटिस देकर बिल्डिंग के कुछ हिस्से को अवैध बताया। इस मामले में कपिल शर्मा ने ट्वीट कर बीएमसी के एक ऑफिसर पर 5 लाख रुपये मांगने का आरोप भी लगाया था। इसके साथ ही कपिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे दिन पर सवाल भी उठाया था। इस मामले में कोर्ट ने बीएमसी को कहा कि वो मामले में कपिल का पक्ष सुने।








हालांकि, इससे पहले संजय राउत ने कहा था कि बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वह (कंगना रनौत) एक कलाकार हैं और मुंबई में रहती हैं। उन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र के लिए जो भाषा प्रयोग की वह उचित नहीं है। अगर कंगना अपने शब्द वापस लेती हैं तो कोई विवाद ही नहीं रह जाता है।
कह चुके हैं कंगना को 'हरामखोर लड़की'
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हुए घटनाक्रम में संजय राउत और कंगना की बीच ट्विटर पर काफी तीखी नोंकझोंक हो चुकी है। इसी गरमागरमी में संजय राउत एक बार कंगना को 'हरामखोर लड़की' तक कह चुके हैं। बाद में उन्‍होंने इसकी सफाई दी तो वह भी कम विवादों में नहीं रही। उन्‍होंने कहा कि कंगना दरअसल नॉटी गर्ल हैं।
पूरे विवाद में हुई बालासाहेब ठाकरे की एंट्री
इस पूरे विवाद में शिवसेना सरकार की अच्‍छी खासी फजीहत हो रही है। इस पूरी खींचतान में गुरुवार को बालासाहेब ठाकरे की भी एंट्री हो गई। ट्विटर पर #BalasahebThackeray लगातार ट्रेंड कर रहा है। दरअसल कंगना ने एक ट्वीट में बालासाहेब के अच्छे कर्मों का जिक्र करते हुए उद्धव पर सबसे तीखा तंज किया है। इस हैशटैग के साथ लोग लगातार सवाल कर रहे हैं कि अगर बालासाहेब जीवित हो तो भी क्या शिवसेना का यही रुख होता।


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